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बीयर शैलियाँ (Beer Styles)

बीयर एक ऐसा पेय है जिसमें रंग, सुगंध, स्वाद और अल्कोहॉल की मात्रा में बहुत विविधता पाई जाती है। बीयर को समझने और वर्गीकृत करने के लिए इसे अलग-अलग प्रकार (Types) और शैलियों (Styles) में बांटा जाता है।
बीयर की शैलियों का उपयोग दो मुख्य कारणों से किया जाता है:

  1. पीने वाले को स्वाद और अनुभव का अंदाज़ा मिल सके
  2. ब्रुअर्स को सही Beer Style के अनुसार बीयर तैयार करने में मदद मिले

बीयर में विविधता क्यों होती है?

बीयर में विविधता होने के कई कारण हैं:

इन्हीं कारणों से आज दुनिया में हजारों प्रकार की बीयर मौजूद हैं।

बीयर की दो मुख्य Categories

बीयर को सबसे पहले दो बड़ी श्रेणियों में बांटा जाता है:

1. एले (ALES)

2. लेगर (LAGERS)

इन दोनों के अंदर कई sub-styles आते हैं, जैसे IPA, Stout, Pilsner, Wheat Beer आदि।

1. एले (ALES)

एले बीयर Saccharomyces cerevisiae यीस्ट से बनाई जाती है और इसे थोड़े गर्म तापमान (15–25°C) पर ferment किया जाता है।

एले की विशेषताएँ

एले बीयर को flavor-rich और bold taste के लिए जाना जाता है।

2.लेगर (LAGERS)

लेगर बीयर Saccharomyces pastorianus यीस्ट से बनती है, जिसे ठंडे तापमान (9–15°C) पर ferment किया जाता है।लेगर की विशेषताएँस्वाद हल्का, साफ और crispरंग अक्सर हल्का सुनहराबॉडी हल्कीज़्यादा carbonationfermentation धीरे और नीचे की ओर (Bottom Fermentation)लेगर दुनिया में सबसे ज्यादा पी जाने वाली beer category है।

पुराने Fermentation तरीके:

टॉप vs बॉटमपुराने समय में एले यीस्ट को Top Fermenting और लेगर यीस्ट को Bottom Fermenting कहा जाता था।एले का यीस्ट फर्मेंटेशन टैंक के ऊपर की तरफ काम करता हैलेगर का यीस्ट टैंक के नीचे settle हो जाता हैइससे दोनों बीयरों में स्वाद, सुगंध और texture का बड़ा अंतर आता है

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